तीन दिवसीय अभिनय कार्यशाला में विद्यार्थियों ने सीखी अभिनय की बारीकियाँ
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Date: Wednesday - Jan 06, 2027
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Time: 09:00 AM - 09:00 AM
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Location: Institution Campus
श्री राम स्कूल ऑफ हायर एजुकेशन, बेहरोड़ में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय अभिनय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने अभिनय, संवाद प्रस्तुति, भाव-अभिव्यक्ति और मंच संचालन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
श्री राम स्कूल ऑफ हायर एजुकेशन, बेहरोड़ में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय अभिनय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने अभिनय, संवाद प्रस्तुति, भाव-अभिव्यक्ति और मंच संचालन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
तीन दिनों तक आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को अभिनय की मूलभूत तकनीकों से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने चेहरे के भाव, आवाज़ के उतार-चढ़ाव, संवाद बोलने की शैली, शारीरिक हाव-भाव और मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने का अभ्यास किया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न परिस्थितियों और पात्रों पर आधारित छोटे-छोटे अभिनय अभ्यास करवाए गए। समूह गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने एक-दूसरे के साथ संवाद करना, टीम के रूप में प्रस्तुति तैयार करना और मंच पर अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाना सीखा।
दूसरे दिन विद्यार्थियों ने कहानी और संवाद लेखन से जुड़ी गतिविधियों में भी भाग लिया। उन्हें बताया गया कि एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति के लिए केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि कहानी की समझ, पात्र की भावनाओं को समझना और दर्शकों के सामने सही तरीके से प्रस्तुत करना भी आवश्यक है।
कार्यशाला के अंतिम दिन विद्यार्थियों ने छोटे-छोटे नाट्य दृश्यों की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को शिक्षकों तथा अन्य विद्यार्थियों ने खूब सराहा।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि कला और रंगमंच विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अभिनय के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संचार कौशल, कल्पनाशक्ति, टीम भावना और सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने की क्षमता विकसित होती है।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों ने कार्यशाला को रोचक और सीखने से भरपूर अनुभव बताया।
विद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए इसी प्रकार की रचनात्मक और कौशल-आधारित कार्यशालाओं का आयोजन करने की योजना बना रहा है।